सफलता हेतु उम्र के मायने

सफलता के लिए दोस्तों उम्र मायने नहीं रखती है। यह एक भ्रम है जो कि आपको ही मिटाना है।

मैंने तो 24 साल के बूढ़े और 80 साल के जवान भी देखें। आपका सकारात्मक रवैया आपको किसी भी सफलता की ओर ले जाएगा। लेकिन अगर आप नकारात्मक साथियों का साथ देंगे तो आप भी असफलता की ओर बढ़ चलेंगे।

इसलिए अपने अंदर एक नौजवान का जज्बा रखिए जो कि एक सोच है और आप सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ते चले जाइए।

आप पूरे जोश के साथ अपने जीवन में आगे बढ़े, सफलता आपके लिए पूरा साथ देगी। जानदार प्रयास करें।

सफल होने के कई रास्ते हैं,,निर्भर यह करता है कि आप किस रास्ते को चुनते हैं। इसमें यह बात भी मायने रखती है कि वह रास्ता आपके लिए कितना उपयुक्त है।लेकिन सफल लोगों में एक बात समान होती है. वे कुछ खास आदतें विकसित कर लेते हैं, जिन्हें हर रोज दोहराते हैं. फिर परिस्थितियां कुछ भी हों. ये आदतें आपके लिए सफलता के दरवाजे खोल देती हैं।

किसी भी काम को पूरा करने में ऊर्जा की जरूरत होती है।इसलिए आपके पास जितनी अधिक ऊर्जा होगी, उतना ही काम आप कर सकेंगे।सही खान-पान और नियमित रूप से व्यायाम करके ऊर्जा के स्तर को बढ़ाएं। परिवार, दोस्तों और अपने शौक की चीजें करें. इससे आप अपनी भावनात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकेंगे।

दूसरों के साथ बातचीत करने में झिझक होती है तो इस पर काम करें।इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कम बोलते हैं या बहुत बातूनी हैं। जब आप कोई बात नहीं समझ पाते हैं तो सवाल जरूर करें। मार्गदर्शन के लिए अपने मैनेजर का धन्यवाद करना नहीं भूलें।अपने काम को बेचने का हुनर आपको आना चाहिए।जब कोई आपसे बात करे तो उसकी बात धैर्यपूर्वक सुननी चाहिए। अच्छा श्रोता होना एक अच्छे लीडर की निशानी है।

दरसअल जिंदगी में सफलता हासिल करने की कोई उम्र नहीं होती, अगर आपके पास हौसला और सपना है, तो फिर उम्र मायने नहीं रखती, दुनिया में ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने उम्र के उस पड़ाव पर पंहुचकर भी कामयाबी हासिल की है, जहां लोग अपनी जिंदगी को खत्म हुआ मानने लगते हैं।

 

मैंने एक कहावत आज से 40 साल पहले एक सेमिनार के अंदर सुनी। वो कहावत है कि कोई भी आपको दुखी नहीं कर सकता कोई भी आपको सुखी नहीं कर सकता यह केवल आपकी मानसिकता है जो आपको दुखी या सुखी कर सकती है।

इसलिए अपने भगवान पर विश्वास करें, मेहनत करके खाएं, लोगों की टांग खिंचाई करने की वजह हाथ की खिंचाई कर के सहारा दे।

भगवान भी आपकी मदद के लिए आपकी मदद करेंगे। तो आज से आप अपनी उम्र का भरम मन से निकाल दें और मेहनत करें।

दोस्तों मैं आपको बता दूं कि आज उम्र के उस पड़ाव पर जब लोग रिटायरमेंट की सोचते हैं मैंने ब्लॉगिंग शुरू की, पॉडकास्टिंग शुरू की, दो यूट्यूब के चैनल बनाएं ,एक किताब लिखी योगा को अच्छी तरह से सीखने का प्रयास जारी है।

जबाबी सीखने वाले विद्यार्थी की तरह जीवन को लेंगे तो आप बहुमुखी प्रतिभा के कलाकार बन जाएंगे।

क्या बनना चाहेंगे अगर हां तो कमेंट बॉक्स में 100% हां का कॉमेंट लिखें। मेरे लेख को ब्लाग को आप इतना प्यार देते हैं इसके लिए तहे दिल से आपका धन्यवाद।

ज्यादा जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर आएं और अपने सुझाव दें आपका स्वागत है।

 

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https://timesofindia.indiatimes.com/india/age-no-bar-for-learning-law-rules-supreme-court/articleshow/46721380.cms

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