चिंता ना करें कि लोग क्या कहेंगे?

प्यारे दोस्तों आप सभी जिंदगी सफल होने के लिए यह समझ ले की चिंता ना करें कि लोग क्या कहेंगे क्योंकि लोगों का काम है कहना।

हमें जिंदगी की लड़ाई अकेले ही लड़नी होती है अपने हाथों से अपने व्यवहार से लोगों से प्रेम से अपने आत्मविश्वास से।

सबसे पहले तो हमें यह लड़ाई अपने आप से लड़ाई लड़नी होती है। जब आप खुद को अनुशासित कर लेंगे तो दूसरों को भी कुछ फायदा पहुंचा सकते हैं।

P155H: सफलता के लिए जरूरी लोग क्या सोचते हैं भूल जाएंhttps://anchor.fm/virender-kumar-chaudhry/episodes/P155H-e115j01/P155H-a5k27aj

लोग क्या कहेंगे, यह सोचना बंद करके अपने लिये जीना शुरू करें “लोग क्या कहेंगे?” एक ऐसी खतरनाक बीमारी है, जिससे भारत की ज्यादातर जनसंख्या चिंतित और परेशान रहती है।

उन्हें लगता है कि जैसे उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। और हमारे यहां किसी की प्रतिष्ठा हमेशा इस बात पर निर्भर करती है, कि लोग क्या सोचते और कहते हैं।

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चार लोग क्या कहेंगे

Rashmi Sajwan

 Rashmi SajwanMere Alfaz

सारी जिंदगी सोचते रहे कि 4 लोग क्या कहेंगेविज्ञापन
और दिल पूछता है कि क्या खुश रहे सकोगे
पैसा कमाने के लिए हर रोज तिल तिल मरोगे

तब अपने आपको कोसोगे
चार लोग सहारा देने नहीं आएंगे
आज उनके बारे में सोचोगे तो कल क्या जी सकोगे
दुनिया के सबसे ज्यादा सपने
इन चार लोगों ने ही तोड़े हैं
आज यह बुराई करेंगे
कल को हसेंगे और एक दिन

अपने बच्चों को हमारा ही उदाहरण देंगे
फिर भी हम सोचते हैं कि लोग क्या कहेंगे
लोग क्या कहेंगे सोच लिया
रिश्तेदार क्या कहेंगे सोच लिया
पर दिल क्या कह रहा है
इसके बारे में कब सोचेंगे
न जाने कितनों के अरमान टूट गए

क्योंकि वह लोग क्या कहेंगे से डर गए
कि खुश रहना है तो
लोग क्या कहेंगे लोग क्या सोचेंगे
यह सोचना बंद करो
लोग क्या कहेंगे यह सोचना छोड़ो
इनका काम है कहना

कई आवाजों को दबाया जाता है
तो कई सपनों को तोड़ा जाता है
क्योंकि यहां तो खुद से पहले
4 लोग क्या कहेंगे यह सोचा जाता है
तू बढ़ तू चल तेरे वजूद की तुझे तलाश है

अगर इन चार लोगों के बारे में सोचेगा
तो तू एक जिंदा लाश है
हौसला है तभी उड़ सकेंगे
सपनों की राह में चलने में कांटे तो चुभेंगे
ये चार लोग तुम्हारे लिए कुछ नहीं करेंगे

ये तुम्हारी नाकामी पर हसेंगे ताने कसेगे
हर रोज तिल तिल मरोगे क्या चैन से जी सकोगे
जब कोई पुछेंगा कि ख़ुश हो
तो क्या पुरे मन से हामी भर सकोगे

रात में चैन से सो सकोगे
तब अपने आप से सवाल करोगे
कि क्यो इन चार लोगों के बारे में सोचा था

अपने सपनों को पैरों तले रौंदा था
आखिर में ये चार लोग राम नाम सत्य कहेंगे
और तुम्हें फूंक आएंगे।।

अगर आप अच्छी तरह सोचने के बाद ही बोलते हैं तो यह समझदारी की बात है, लेकिन अगर आप इतना ज्यादा सोचते हैं कि आप काम करने में पीछे रह जाते हैं, या आपको असहनीय बेचैनी हो जाती है तो ये आपके लिए बहुत बड़ी समस्या है | क्या आप बहुत ज्यादा सोचने की समस्या पर काबू पाना चाहते हैं?

यह स्वीकार कर लें कि आप बहुत ज्यादा सोचते हैं: खाना खाने की तरह ही सोचना भी ऐसा काम है जो जिन्दा रहने के लिए जरूरी है, इसलिए अगर आप जरूरत से ज्यादा सोच रहे हैं तो भी कई बार इस बात को समझना मुश्किल हो जाता है | फिर भी कुछ ऐसे खतरों के संकेत हैं जिनसे ये पता चल जाता है कि आप जरूरत से ज्यादा सोच रहे हैं | यहाँ उनमें से कुछ दिए गए हैं:

  • क्या आप बार-बार एक ही बात को सोचते रहते हैं? क्या इस बात के बारे में सोचते रहने के कारण आपकी प्रगति नहीं हो रही है? अगर ऐसा हो रहा है तो यह एक संकेत है कि अब आपको इस बात के बारे में सोचना बंद कर देना चाहिए |
  • क्या आपने एक ही परिस्थिति का विश्लेषण अनगिनत तरीकों से किया है? कैसे काम करना है, ये निर्धारित करने से पहले अगर आपको काम करने के बहुत सारे तरीके दिख रहे हों तो हो सकता है कि ये आपके लिए बाधक हो रहा हो और आप किसी एक तरीके से काम शुरू ही नहीं कर पा रहे हों |
  • किसी चीज के बारे में सोचने की प्रक्रिया के दौरान आपके 20 करीबी दोस्तों ने जो मदद की है, क्या उसकी आपने कोई सूची बनायी है? अगर आपने ऐसा किया है तो आप समझ सकते हैं कि आपको एक ही आईडिया के विषय में कई अलग-अलग विचार मिल सकते हैं और इस वजह से अंत में आप पागल भी हो सकते हैं |
  • क्या लोग आपको बार-बार चीजों के बारे में ज्यादा सोचने के लिए मना कर रहे हैं? क्या लोग अक्सर आपके हर समय विचारमग्न रहने की बात पर, बारिश के मौसम में खिड़की से बाहर टकटकी लगाये रहने की बात पर, या आपके दार्शनिक होने की बात पर आपको चिढ़ाते रहते हैं? अगर ऐसा हो रहा है तो हो सकता है कि उनकी बात में दम हो |