छाती,सीने में दर्द से क्या निष्कर्ष निकालें?

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छाती,सीने में दर्द….?

छाती या सीने का दर्द कई प्रकार से उभर सकता है, यह छाती में तेज चुभन से लेकर मंद दर्द तक हो सकता है। छाती के दर्द में कभी कभी दबाव व जलन जैसा भी महसूस होता है। कुछ मामलों में दर्द छाती से गर्दन और जबड़ों में भी होने लगता है, और उसके बाद दर्द की लहरें बाजूओं में भी महसूस होने लगती हैं।

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सामान्य तौर पर, सीने के दर्द जो दिल से संबंधित होते हैं उन्हें हृद्य संबंधित छाती के दर्द (cardiac chest pain), और जो हृद्य से सबंधित नहीं होते उनको गैर-हृद्य छाती दर्द (non-cardiac chest pain) में विभाजित किया जाता है।

कई अलग-अलग समस्याएं हैं जो सीने के दर्द का कारण बन सकती हैं। सामान्य तौर पर सीने में दर्द अगर किसी जान-लेवा स्थिति की वजह से होता है, तो वो हृदय या फेफड़ों से संबंधित होते हैं। छाती के दर्द का सही कारण निर्धारित करना कठिन हो सकता है, इसलिए तत्काल मेडिकल जांच करवाना सबसे बेहतर है।

छाती (सीने) के दर्द के लक्षण –

हृद्य संबंधित छाती के दर्द के लक्षण –

आम तौर से सीने में दर्द के लिए हृद्य से संबंधित किसी रोग को जिम्मेदार माना जाता है। लेकिन कई लोग जो हृद्य रोगों से पीड़ित होते हैं, उनके अनुसार उनको छाती में एक अस्पष्ट बेचैनी महसूस होती है, जिसके लिए “दर्द” एक यथार्थ वर्णन नहीं है। सामान्य तौर पर छाती में बेचैनी जो हृद्य के रोगों (जैसे दिल का दौरा आदि) से संबंधित होती है, वो निम्न में से एक या अधिक लक्षण के साथ जुड़ी हो सकती है –

छाती में खिंचाव, भरा हुआ या दबाव महसूस होना
तेज चुभने वाला दर्द जिसकी लहरें गर्दन, जबड़े, कंधे और बाजूओं में भी फैलने लगे (विशेष रूप से बाईं बाजू में दर्द)
तेज दर्द जो कुछ मिनटों तक रहता है, शारीरिक गतिविधियों से बद्तर हो जाता है, और साथ ही अलग-अलग तीव्रता के साथ बार-बार आता और जाता रहता है।
सांस लेने में तकलीफ
“कोल्ड स्वेट” आना (Cold sweat; यानी गर्मी की बजाये घबराहट या डर की वजह से पसीना आना)
कमजोरी या चक्कर आना
मतली और उल्टी

अन्य प्रकार के छाती के दर्द के लक्षण –

हृदय की समस्या के कारण होने वाले सीने के दर्द और अन्य प्रकार के सीने के दर्द में अंतर पता करना कठिन हो सकता है। हालांकि, हृद्य समस्याओं के अलावा अन्य कारणों से होने वाले सीने के दर्द निम्न से जुड़े होते हैं –

मुँह में खट्टा स्वाद या खाना पेट से वापस मुंह तक आने की अनुभूति होना
निगलने में कठिनाई
शरीर की अवस्था बदलने के अनुसार दर्द का ठीक और बद्तर होना
गहरी सांस या खांसी करने के दौरान दर्द बढ़ जाना
छाती को दबाने से दर्द महसूस होना (tenderness)
सीने में जलन (heartburn) होने के कुछ उत्कृष्ट लक्षण – जैसे छाती की हड्डी के पीछे एक दर्दनाक जलन की सनसनी होना – यह अक्सर पेट या हृद्य संबंधित समस्याओं के कारण होती है।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

अगर आपको छाती में कुछ ऐसी बेचैनी महसूस कर रहें हैं, जिसका आप ठीक से वर्णन नहीं कर पा रहे, या आपको दिल का दौरा जैसी समस्याओं का संदेह हो रहा है, तो तत्काल मेडिकल सहायता लें।

छाती (सीने) में दर्द के कारण –

छाती में दर्द और हृदय की समस्याएं –

सीने में दर्द हमेशा हृद्य से संबंधित समस्याओं के कारण नहीं होता, लेकिन कभी-कभी ये निम्न का लक्षण हो सकता है –

एंजाइना (angina):
हृदय की मांसपेशियों में रक्त की आपूर्ति अवरुद्ध होना।

दिल का दौरा (heart attack):
हृदय के किसी हिस्से में खून की आपूर्ति का अचानक रुक जाना।
इन दोनों स्थितियों का बीच अंतर यह है कि एंजाइना के कारण होने वाले सीने के दर्द अक्सर शारीरिक गतिविधि या मानसिक तनाव से शुरू होते हैं, और कुछ ही मिनट में ठीक हो जाते हैं।

दिल का दौरा पड़ने के लक्षण 15 मिनट से अधिक समय तक रहते हैं, जिसमें पसीना आना और मतली व उल्टी लगना आदि भी शामिल होते हैं।

छाती में दर्द के कुछ सामान्य कारण

ज्यादातर छाती के दर्द हृद्य से संबंधित नहीं होते, और ना ही जीवन के लिए हानिकारक किसी समस्या का संकेत होते हैं।

नीचे दी गयी जानकारी से आपको यह पता चलना चाहिए कि क्या ये स्थितियां आपके छाती के दर्द का कारण हो सकती हैं या नहीं, लेकिन सुनिश्चित करने के लिए कि छाती के दर्द के सही और पुर निदान के लिए डॉक्टरों की सलाह जरूर लें।

छाती में दर्द के कुछ सामान्य कारण निम्न हो सकते हैं –

गर्ड या गेस्ट्रो-इसोफेगल-रिफलक्स रोग (GERD) – यह एक आम स्थिति है जिसमे अम्लीय पदार्थ पेट से वापस मुंह की तरफ ग्रासनली (esophagus; खाने की नली) में आते हैं। इससे सीने में जलन, और मुंह में खराब स्वाद पैदा होता है।

छाती की परत वाली मांसपेशी में खिंचाव – इससे तेज़ दर्द होता है, लेकिन आराम करने से दर्द ठीक हो जाता है, और समय के साथ मांसपेशी भी स्वस्थ हो जाती है।

कॉस्टोकोंडराइटिस (costochondritis) – सीने की पतली हड्डीयों की पसलियों (cartilage) में सूजन जिसके लक्षणों में छाती में दर्द और पसलियों को छूने पर दर्द होना शामिल हैं। लेटने, गहरी सांस लेने, खांसी करने या छींकने पर इसके लक्षण और खराब हो जाते हैं।

चिंता या पैनिक अटैक – इसका प्रभाव 20 मिनट तक रह सकता है, यह दिल की धड़कन बढ़ाना, पसीना आना, सांस फूलना और चक्कर आना जैसे लक्षण पैदा करती है।

फेफड़ों की समस्याएं – निमोनिया और प्लॉरिसी (pleurisy) जैसी समस्याएं, जो अक्सर छाती में तेज दर्द का कारण बनती हैं। इनसे होने वाला दर्द सांस अंदर-बाहर लेने से और बद्तर हो जाता है। यह स्थिति खांसी और सांस फूलने जैसे अन्य लक्षणों के साथ भी जुड़ी होती है।

छाती (सीने) के दर्द से बचाव –

सीने के दर्द की रोकथाम कैसे की जा सकती है?

छाती में दर्द के कई तरीकों से रोकथाम की जा सकती है – इसमें दोनों हृदय संबंधी और गैर-हृदय संबंधी छाती दर्द के प्रकार शामिल हैं।

उदारण के तौर पर, जो लोग धूम्रपान करते हैं, वो हृद्य संबंधी छाती के दर्द की रोकथाम धूम्रपान छोड़ कर और एक स्वस्थ जीवन शैली जीने से कर सकते हैं। स्वस्थ जीवन शैली में फाइबर और कम वसा युक्त खाद्य पदार्थ खाना, और व्यायाम करना शामिल हैं।

जिन व्यक्तियों को हृद्य संबंधी रोग होने का अधिक जोखिम है, वे डॉक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों और दवाओं का पालन करके हृद्य रोग संबंधी जोखिम और उनके साथ छाती के दर्द के लक्षणों को कम कर सकते हैं। एथेरोस्क्लेरोसिस (atherosclerosis) हृद्य संबंधी छाती के दर्द का सबसे आम कारण होता है। तो एथेरोस्क्लेरोसिस का इलाज करके सीमे के दर्द होने से रोका जा सकता है।

हृद्य संबंधी सीने के दर्द की तरह, गैर-हृद्य संबंधित सीने के दर्द की रोकथाम भी उसके दर्द के अंतर्निहित कारणों की रोकथाम करके की जा सकती है। उदाहरण के लिए निमोनिया, मांसपेशियों में खिंचाव, और आघात आदि के जोखिम को बढ़ाने वाली स्थितियों से बचना भी गैर-हृद्य संबंधी छाती के दर्द की रोकथाम में मदद करता है।

छाती (सीने) के दर्द का परीक्षण –

छाती के दर्द निदान कैसे किया जाता है?

अगर आपको छाती में दर्द हो रहा है और आपको लगता है कि आपको दिल का दौरा पड़ सकता है, तो तत्काल डॉक्टर से परामर्श लें। खासकर अगर आपका सीने का दर्द अस्पष्ट, पहली बार और कुछ क्षणों से अधिक रहता है, तो डॉक्टर से इस बारे मे संपर्क करना आवश्यक होता है।

निदान में डॉक्टर मरीज से कुछ सवाल पूछ सकते हैं, और मरीज द्वारा उनके दिए गए जवाब छाती के दर्द के कारणों का निदान करने में मदद करते हैं। महसूस किए जाने वाले किसी भी लक्षण के बारे में बताने के लिए, और पिछली दवाओं, उपचार व अन्य मेडिकल समस्याओं की जानकारी डॉक्टर को देने के लिए पहले से ही तैयार रहें।

नैदानिक टेस्ट –

निदान के लिए और सीने के दर्द के कारण होने वाली अन्य हृद्य से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए डॉक्टर कुछ टेस्ट करवाने को कह सकते हैं, जिनमे निम्न शामिल हैं –

इलेक्ट्रोडायाग्राम (electrocardiogram) – यह आपके हृद्य में विद्युत गतिविधि को रिकॉर्ड करता है।
रक्त परिक्षण (blood tests) – यह एंजाइम के स्तर को मापने के लिए किया जाता है।
एक्स-रे (X-ray) – हृद्य, फेफड़े और रक्त वाहिकाओं की जांच करने के लिए छाती का एक्स-रे किया जाता है।
इकोकार्डियोग्राम (echocardiogram) – इसमें ध्वनि तरंगों की मदद से दिल की तस्वीरों को रिकॉर्ड किया जाता है।
एमआरआई (MRI) – इसकी मदद से हृद्य और महाधमनी (aorta) में किसी प्रकार की क्षति का पता किया जाता है।
स्ट्रेस टेस्ट (stress tests) – इसमें कड़े शारीरिक परिश्रम के बाद हृद्य के कार्य करने की क्षमता को मापा जाता है।
एंजियोग्राम (angiogram) – इस टेस्ट की मदद से किसी विशिष्ट धमनी में रुकावट का पता लगाया जाता है।

छाती (सीने) के दर्द का इलाज –

छाती के दर्द का उपचार क्या है?

छाती के दर्द के अंतर्निहित कारणों के आधार पर उसके उपचार अलग-अलग होते हैं।

1. दवाएं

सीने के दर्द के कुछ सबसे सामान्य कारणों का इलाज करने के लिए निम्न प्रकार की दवाएं दी जाती हैं –

धमनियों को आराम देने वाली (Artery relaxers) – नाइट्रोग्लिसरीन (Nitroglycerin) एक टेबलेट होती है, जिसको आम तौर पर जीभ के नीचे रखा जाता है। इससे हृद्य की धमनियां शिथिल हो जाती हैं, जिससे संकुचित मार्गों से भी रक्त आसानी से बह पाता है। कुछ ब्लड प्रैशर की दवाएं भी रक्त वाहिकाओं को शिथिल करती हैं और उनके मार्गों को चौड़ा करती हैं।
एस्पिरिन (Aspirin) – अगर डॉक्टर को संदेह होता है, कि छाती का दर्द हृद्य से संबंधित है, तो वे एस्पिरिन भी दे सकते हैं।
क्लॉट-बस्टिंग दवाएं (Clot-busting drugs) – अगर मरीज को दिल का दौरा पड़ रहा है, तो डॉक्टर मरीज को ये दवा दे सकते हैं। यह दवा उस खून के थक्के को पिघला देती है जो हृद्य की मांसपेशियों में रक्त आपूर्ति को अवरुद कर रहा होता है।
खून को पतला करने वाली दवाएं (Blood thinners) – यदि हृद्य या फेफड़ों में खून पहुंचाने वाली किसी धमनी में बन जाता है, तो ये दवाएं दी जाती हैं, जो खून को पतला कर देती है, और नए थक्के बनने से रोकती है।
एसिड को दबाने वाली दवाएं (Acid-suppressing medications) – अगर सीने का दर्द पेट के एसिड के कारण हो रहा है, जो ग्रासनली (Esophagus; खाने की नली) में वापस आता है, तो डॉक्टर पेट में एसिड की मात्रा कम करने की दवाएं दे सकते हैं।
एंटीडिप्रेसन्ट्स (Antidepressants) – अगर आपको पैनिक अटैक हो रहा है तो डॉक्टर आपके लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद करने वाली एंटीडिपेंटेंट्स दवाएं दे सकते हैं। साइक्लोजिकल थेरेपी जैसे, व्यवहार संबंधी थेरेपी (cognitive behavioral therapy) की सलाह भी दी जा सकती है।

2. सर्जरी और अन्य प्रक्रियाएं

छाती के दर्द के कुछ सबसे अधिक खतरनाक कारणों के इलाज के लिए प्रक्रियाएं जिनमे शामिल है,

बलून्स और स्टेंट प्लेसमेंट (Balloons and stent placement) – अगर सीने में दर्द हृद्य के लिए रक्त पहुंचाने वाली किसी धमनी में रुकावट के कारण हुआ है, तो डॉक्टर एक संकीर्ण (पतली) ट्यूब जिसके सिरे पर गुब्बारा लगा होत है, उसको ग्रोइन (पेट और जांग के बीच का भाग) से एक बड़ी रक्त वाहिका में डालते हैं, और अवरुद्ध जगह तक पहुंचाते हैं। इसके बाद वे धमनी को फिर से खोलने के लिए गुब्बारे को फुला देते हैं। कुछ मामलों में, वाहिकाओं को खुली रखने के लिए ट्यूब के साथ एक तार से बना छोटा सा जाल डाला जाता है, तो वाहिकाओं को खुला रखने में मदद करता है।
बाईपास सर्जरी (Bypass surgery) – इस प्रक्रिया के दौरान, डॉक्टर मरीज के शरीर के किसी दूसरे भाग से एक रक्त वाहिका को निकाल लेते हैं। उस रक्त वाहिका को अवरुद्ध हुई धमनी के एक वैकल्पिक रास्ते के रूप में तैयार कर देते हैं।
विच्छेदन की मरम्मत (Dissection repair) – महाधमनी विच्छेदन की मरम्मत के लिए आपातकालीन सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। यह जीवन के लिए हानिकारक स्थिति पैदा कर सकती है, क्योंकि इसके परिणामस्वरूप हृद्य से शरीर के बाकी अंगों में रक्त ले जाने वाली धमनी फट सकती है।

फेफड़ों में संक्रमण (Lung reinflation) –
अगर आपके फेफड़े किसी स्थिति के कारण संकुचित हो गए हैं, तो डॉक्टर छाती में एक ट्यूब डाल सकते हैं, जिसकी मदद से फेफड़ों को फिर से फुलाया जाता है।

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