मित्रता के लिए सबसे अच्छा परामर्श क्या है?

मित्रता के लिए सबसे अच्छा परामर्श क्या है? के लिए Virender Kumar Chaudhry का जवाब https://hi.quora.com/%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9B%E0%A4%BE/answers/299329896?ch=99&share=bcb423ae&srid=fFZvN

मित्रता के लिए पात्र का सही होना बहुत जरूरी है। आपने देखा होगा की संगत का असर पर चढ़कर बोलता है। अगर आपने अच्छे मित्र रखे हैं तो आप सफल है वरना तो जिंदगी में असफल होने में समय नहीं लगता।

हम सब के साथ बहुत अच्छा मित्रता पूर्ण व्यवहार करते रहे हैं |लेकिन अगर सच में कुछ मित्र रहे तो वह गिनती के ही रहे जिनसे हम अपनी हर बात शेयर कर सकते हैं।

आपने गलत मित्र चुन लिए तो आपको जगह-जगह पर धोखा मिलने के अवसर बढ़ जाते हैं। अगर गलत दोस्त मिल गए तो आपको गलत हाथ के भी भागीदार बना देंगे।

इसलिए दोस्ती के अंदर सोच समझकर ही आगे बढ़े बड़े। यह मानकर आप जरूर चलाएं कि आपको अपनी जिंदगी की जंग को अकेले ही झेलना पड़ेगा और एक योद्धा की तरह लड़ना पड़ेगा।

जब आप किसी का अच्छा सोचते हैं तो भगवान भी आपकी मदद करता है। इसलिए अच्छे दोस्तों का चुनाव अति जरूरी है।

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मित्रता या दोस्ती दो या अधिक व्यक्तियों के बीच पारस्परिक लगाव का संबंध है। जब दो दिल एक-दूसरे के प्रति सच्ची आत्मीयता से भरे होते हैं, तब उस सम्बन्ध को मित्रता कहते हैं। यह संगठन की तुलना में अधिक सशक्त अंतर्वैयक्तिक बंधन है। [1] |मित्रता की अवधारणा, स्वरूप और उसके सामाजिक-मनोवैज्ञानिक पक्षों का समाजशास्त्रसामाजिक मनोविज्ञाननृतत्वशास्त्रदर्शनसाहित्य आदि आकादमिक अनुशासनों में अध्ययन किया जाता रहा है। इससे संबंधित अनेक सिद्धांतों का प्रतिपादन किया गया है। जैसे कि सामाजिक विनिमय सिद्धांतसाम्य सिद्धांतसंबंधात्मक द्वंद्ववादआसक्ति पद्धति आदि। विश्व खुशहाली डाटाबेस के अध्ययनों में पाया गया है कि करीबी संबंध रखने वाले लोग अधिक खुश रहते हैं। [2]

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मनुष्य का जीवन संघर्षों से भरा हुआ है, कदम-कदम पर उसे चुनौतियों का सामाना करना पड़ता है। सारी समस्याओं से वह अकेला नहीं लड़ सकता। उसे कुछ मित्रों की आवश्यकता होती है। लेकिन मित्र वही जो मुसीबत में काम आए। यदि किसी को जीवन में सच्चा, स्वार्थहीन मित्र मिल जाए, तो उसका तो कल्याण ही हो जाएगा।

मित्रता की परिभाषा :

सच्ची मित्रता वह है जहाँ मित्र का दुख अपना दुख लगे और मित्र का सुख अपना सुख। सच्चा मित्र अपने मित्र को कुमार्ग पर चलने से रोकता है | सुपथ का मार्ग दिखाता है। वह उसके गुणों की भरपूर प्रशंसा करता है लेकिन हर दुख-सुख में अपने मित्र के साथ खड़ा होता है।

मित्रता :

अनमोल सम्पत्ति : मित्रता ही सच्चा धन है। जिसके जितने अधिक सच्चे मित्र होते हैं, वह उतना ही अधिक धनी होता है। संसार में उसकी प्रतिष्ठा होती है। इंसान की पहचान उसके मित्रों से ही होती है। अच्छे तथा सच्चे मित्र की संगति जीवन को सरल, सुखी तथा सम्मानीय बनाती है। मुश्किल समय में धन इतना काम नहीं आता, जितना कि किसी सच्चे मित्र की मित्रता काम आती है।

अच्छी मित्रता के लाभ :

अच्छी मित्रता के अनेक लाभ हैं। इससे जीवन का मार्ग सरल हो जाता है। कठिन से कठिन कार्य भी सरल लगने लगता है। जीवन में सुख-आनंद बढ़ता है। सच्ची मित्रता से एक-दूसरे पर विश्वास बढ़ता है। अच्छी मित्रता से असंभव कार्य भी संभव हो जाता है।

बुरी मित्रता से हानि :

सच्ची मित्रता यदि हमारा कल्याण कर सकती है तो बुरी मित्रता हमें गर्त में भी गिरा सकती है। वह पैर में बँधी चक्की के समान है। एक व्यक्ति के पैरों में यदि चक्की बाँध दी जाए, तो वह तैर नहीं सकता। पैरों में बँधी चक्की अच्छे से अच्छे तैराक के पैरों में बेड़ियाँ डाल देती है। उसी प्रकार बुरे व्यक्ति की मित्रता विनाश का कारण बनती है तथा पतन की ओर ले जाती है।

सच्ची मित्रता के कुछ उदाहरण :

इतिहास सच्ची मित्रता के उदाहरणों से भरा पड़ा है। कृष्ण और सुदामा की सच्ची मित्रता से तो सभी परिचित हैं। कृष्ण राजकुमार थे और सुदामा गरीब ब्राह्मण। लेकिन दोनों की मित्रता के बीच पैसा कभी नहीं आया और कृष्ण भगवान ने सुदामा की सहायता की। ऐसी ही मित्रता रामचन्द्र जी तथा सुग्रीव के बीच भी थी।

सच्ची मित्रता का आधार :

सच्ची मित्रता के लिए दोनों ओर से सहयोग होना आवश्यक है। दोनों में विश्वास होना जरूरी है। इसके बिना मित्रता सुदृढ़ नहीं हो सकती। मित्रता में विश्वास का होना भी आवश्यक है। जलन, ईर्ष्या, बैर के लिए मित्रता में कोई स्थान नहीं होता है।

मेरा उत्तर पढ़ने के लिए आप सभी का तहे दिल से स्वागत है। धन्यवाद

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