अपने काम को दिल से 100% कर लो।कोई आपको हरा नहीं सकता। Love your work with full passion

आपका प्यारा ब्लॉगर बताना चाहता है कि अपने काम को दिल से 100% कर लो आपको कोई हरा नहीं सकता,Love your work with full passion

श्रम:ऊँच और नीच: गलत वर्गीकरण
🍂🍂,,🌿🌿🌿🌿,,🍂🍂

अब्राहम लिंकन के पिता जूते बनाते थे, जब वह राष्ट्रपति चुने गये तो ..
सीनेट के समक्ष जब वह अपना पहला भाषण देने खड़े हुए तो एक सीनेटर ने ऊँची आवाज़ में कहा..
मिस्टर लिंकन याद रखो कि तुम्हारे पिता , मेरे और मेरे परिवार के जूते बनाया करते थे…!! इसी के साथ सीनेट भद्दे अट्टहास से गूँज उठी.. लेकिन लिंकन किसी और ही मिट्टी के बने हुए थे..!! उन्होंने कहा कि मुझे मालूम है कि मेरे पिता जूते बनाते थे ! सिर्फ आप के ही नहीं यहां बैठे कई माननीयों के जूते उन्होंने बनाये होंगे ! वह पूरे मनोयोग से जूते बनाते थे, उनके बनाये जूतों में उनकी आत्मा बसती है, अपने काम के प्रति पूर्ण समर्पण के कारण उनके बनाये जूतों में कभी कोई शिकायत नहीं आयी…!! क्या आपको उनके काम से कोई शिकायत है ? उनका पुत्र होने के नाते मैं स्वयं भी जूते बना लेता हूँ और यदि आपको कोई शिकायत है तो मैं उनके बनाये जूतों की मरम्मत कर देता हूं…!! मुझे अपने पिता और उनके काम पर गर्व है…!!
सीनेट में उनके ये तर्कवादी भाषण से सन्नाटा छा गया और इस भाषण को अमेरिकी सीनेट के इतिहास में बहुत बेहतरीन भाषण माना गया है…।

उसी भाषण से एक थ्योरी निकली Dignity of Labour (“श्रम का महत्व”) और इसका यह असर हुआ की जितने भी कामगार थे उन्होंने अपने पेशे को अपना सरनेम बना दिया।*अमेरिका में आज भी श्रम को महत्व दिया जाता है इसीलिए वह दुनियाँ की सबसे, बड़ी महाशक्ति है।*

👉 वहीं भारत में जो श्रम करता है उसका कोई सम्मान नहीं है :: वह नीच है तथा यहां जो श्रम नहीं करता वह ऊंचा है ? *जो यहां सफाई करता है उसे हेय (नीच) समझते हैं और जो गंदगी करता है उसे ऊँचा समझते हैं।*👎

ऐसी गलत मानसिकता के साथ हम दुनियाँ के नंबर एक देश बनने का सपना सिर्फ देख सकते है.. लेकिन उसे पूरा नहीं कर सकते.. जब तक कि हम श्रम को सम्मान की दृष्टि से नहीं देखेंगे।

ऊँच-नीच का भेदभाव किसी भी राष्ट्र के निर्माण में बहुत बड़ी बाधा है ।

🌷🌷🌷,,,🙏🙏,,,🌷🌷🌷
आपश्री का समय और खुशहाली भरा हो

🍃🌹 एंजॉय द डे🌹🍃

Passion for work is the intense enthusiasm and excitement for what you do. It can be the difference between doing it and getting done well.

Being excited about your Monday’s the way many people are only thrilled about Fridays, it can be the difference between enjoying your job and struggling it

https://www.biospace.com/article/how-important-is-it-to-be-passionate-about-your-job-/https://www.biospace.com/article/how-important-is-it-to-be-passionate-about-your-job-/

https://hbr.org/2002/04/reawakening-your-passion-for-workhttps://hbr.org/2002/04/reawakening-your-passion-for-work

https://www.monster.com/career-advice/article/6-ways-to-reignite-your-passion-for-work-1117https://www.monster.com/career-advice/article/6-ways-to-reignite-your-passion-for-work-1117

Table of Contents

Leave a Reply